दुनियाभर में हर साल सर्वाइकल कैंसर से कई महिलाओं की मौत होती है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को होने वाले दूसरा सबसे आम कैंसर माना जाता है। ऐसे में इस कैंसर के प्रति महिलाओं में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल जनवरी में सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ मनाया जाता है। आइए इस खास मौके पर सनर इंटरनेशनल हॉस्पिटल्स में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट एंड सीनियर कंसलटेंट डॉ.सनी गर्ग से जानते हैं सर्वाइकल कैंसर और उसके लक्षण और उपचार के बारे में।
क्या होता है सर्विकल कैंसर
सर्विकल कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो सर्विक्स नामक अंग के सेल्स में होता है। सर्विक्स, यूटेरस (गर्भाशय) के निचले हिस्से में होता है और एक पतली नली के रूप में वेजाइना से जुड़ा होता है। इस कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) इन्फेक्शन है, लेकिन दूसरे कारण भी इसमें शामिल हो सकते हैं।
क्यों होता है सर्विकल कैंसर?
सर्विकल कैंसर का मुख्य कारण HPV इन्फेक्शन है, जिसका इन्फेक्शन से सर्विक्स के सेल्स में बदलाव होता है और कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। स्मोकिंग, कमजोर इम्यूनिटी, बर्थ कंट्रोल पिल्स का लॉन्ग टर्म उपयोग, एक से अधिक साथी, और परिवार का इतिहास भी इस कैंसर के होने में एक भूमिका निभा सकते हैं।
किस आयु में होता है सर्विकल कैंसर?
सर्विकल कैंसर आमतौर पर 30 से 45 वर्ष की आयु के बीच होने की संभावना होती है। HPV इन्फेक्शन होने पर, यह कैंसर कुछ साल तक विकसित हो सकता है।
सर्विकल कैंसर के लक्षण-
सर्विकल कैंसर के शुरुआती स्टेज में कोई लक्षण नहीं दिखते हैं। जब कैंसर बढ़ने लगता है, तब कुछ सामान्य लक्षण आते हैं जैसे:
-वेजाइना से ब्लीडिंग, खासकर संबंध के बाद
-संबंध के दौरान दर्द
-असामान्य वेजाइना डिस्चार्ज
-पेल्विक दर्द या पेशाब के दौरान दर्द
ये लक्षण किसी भी आयु समूह की महिला में हो सकते हैं, लेकिन सर्विकल कैंसर अक्सर 30 से 45 वर्ष की आयु के बीच होता है।
क्या देखने पर डॉक्टर के पास जाएं?
अगर कोई महिला इन लक्षणों को महसूस करती है, तो उसे तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। पैप स्मीयर टेस्ट, HPV टेस्ट, और शारीरिक जाँच के द्वारा सर्विकल कैंसर का पता लगाया जा सकता है।
यह ठीक हो सकता है?
सर्विकल कैंसर का शुरुआती स्टेज में ही पता लग जाए तो उपचार के सफल होने के ज्यादा चांस होते हैं। उपचार विकल्पों में सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, और केमोथेरेपी शामिल हो सकती हैं। लेकिन, इसका इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर का स्थान क्या है और कितना बढ़ चुका है।
नियमित चेकअप और पैप स्मीयर टेस्ट, खासकर सेक्सुअली एक्टिव महिलाओं के लिए, सर्विकल कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं। HPV वैक्सीन भी इस कैंसर से बचाव के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। इसलिए, अपने डॉक्टर की सलाह से नियमित चेकअप्स और स्क्रीनिंग्स आवश्यक हैं।
