_जब एक्टर को उनकी शक्ल के लिए जलील किया गया, लेकिन उन्होंने टैलेंट से दिया करारा जवाब

मनोरंजन मुख्य समाचार

बुढ़ाना। बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। उनकी फिल्मों की कहानी कितनी भी कमजोर क्यों न हो लेकिन वो अपनी शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत ही लेते है।नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने करियर में काफी उतार चढ़ाव देखें है। जब उन्होंने हीरो बनने की ठानी तो कई लोगों ने कहा कि शक्ल देखी है अपनी… लेकिन अभिनेता ने कभी हार नहीं मानी और आज इनकी फिल्मों का हर कोई दीवाना हैं।

बचपन से बनना चाहते थे अभिनेता

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक छोटे-से कस्बे बुढ़ाना में 19 मई, 1974 को नवाजुद्दीन सिद्दीकी ( Nawazuddin Siddiqui Biography) का जन्म हुआ था। शुरूआत से ही इन्हें अभिनेता बनना था लेकिन कद काठी और रंग रूप की वजह से कई लोग उनका मजाक उड़ाते थे। 90 के दशक के मध्य में नवाज यूपी से मुंबई आ गए और फिल्मो में रोल पाने के लिए इधर-उधर भटकन लगे लेकिन हर तरफ से उन्हें निराशा ही मिलती थी।

सरफरोश से किया डेब्यू

कहते है न कि समय से पहले और भाग्य से ज्यादा, कभी किसी को कुछ नहीं मिलता… यह लाइन नवाज पर फीट बैठती है। मायानगरी में उन्होंने लंबा संघर्ष किया और जैसे तैसे करके साल 1999 में आमिर खान की फिल्म सरफरोश में उन्हें काम करने का मौका मिला।Nawazuddin Siddiqui Biography फिल्म में बमुश्किल से वो एक मिनट तक ही दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने ढेर सारी फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए जिसमें उन्हें क्रेडिट तक नहीं दिया गया। मुन्ना भाई एमबीबीएस के एक सीन में वो दिग्गज एक्टर सुनील दत्त के साथ दिखाई दिए।

गैंग्स ऑफ वासेपुर बदली किस्मत

समय बढ़ता गया और नवाज को फिल्म इंडस्ट्री के लोग जानने पहचानने लगे। इस दौरान उनकी मुलाकात अनुराग कश्यप से हुई जो कि उस दौरान अपने करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर बना रहे थे। अनुराग ने उनका स्क्रीन टेस्ट लिया और उनकी अंदर की प्रतिभा को पहचान लिया। फिर गैंग्स ऑफ वासेपुर में फैजल खान नाम के गैंगस्टर का रोल दिया। फिल्म में मनोज वाजपेयी लीड रोल प्ले कर रहे थे। साल 2012 में फिल्म को रिलीज किया गया। पहले पार्ट ने गदर मचा दिया। चारो ओर मनोज वाजपेयी के अभिनय के चर्च होने लगे।

कंटेंट ओरिएंटेड फिल्मों के ब्रांड एंबेसडर

गैंग्स ऑफ वासेपुर का जब दूसरा पार्ट रिलीज हुआ तो नवाजुद्दीन सिद्दीकी ( Nawazuddin Siddiqui Biography ) रातोंरात चर्चा में आ गए। उनका डॉयलाग “बाप का, दादा का, भाई का, सबका बदला लेगा रे तेरा फैजल… देशभर में छा गया। फैजल खान के किरदार को नवाज ने इतनी शिद्दत के साथ निभाया कि हर कोई उनके अभिनय का दीवाना हो गया। इस फिल्म के बाद नवाज कंटेंट ओरिएंटेड फिल्मों के ब्रांड एंबेसडर बन गए। जो लोग उनका मजाक उड़ाते थे, आज वो ही नवाज के जबरा फैन है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *